Mr. Sanjay Dutt – Registered Pharmacist (D.Pharm)
Medically reviewed by Mr. Sanjay Dutt
Registered Pharmacist (D.Pharm) • UP Pharmacy Council • 7+ years experience
For informational purposes only; not a substitute for professional medical advice. Editorial policy
शिलाजीत के फायदे | Shilajit ke Fayde in Hindi
Shilajit ke Fayde
✅ Fact-Checked
🏷️ औषधि का नाम Shilajit (शिलाजीत)
💊 फॉर्म कैप्सूल, रेज़िन (resin), टैबलेट, पाउडर
🩺 उपयोग शारीरिक कमजोरी, यौन दुर्बलता, ऊर्जा की कमी, प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने में
🏭 निर्माता Dabur, Kapiva, Upakarma, Patanjali सहित कई आयुर्वेदिक ब्रांड्स
💰 कीमत ₹250 – ₹1500 (फॉर्म, मात्रा और ब्रांड पर निर्भर)
📝 पर्ची की आवश्यकता नहीं, यह एक ओवर-द-काउंटर (OTC) आयुर्वेदिक उत्पाद है
⚠️ सावधानियां हृदय रोग, हाई ब्लड प्रेशर या किडनी की समस्या हो तो डॉक्टर से सलाह ज़रूरी
🚨 साइड इफेक्ट्स कुछ मामलों में सिरदर्द, चक्कर आना या एलर्जी जैसे लक्षण हो सकते हैं
❓ लत लगती है? नहीं, शिलाजीत लत पैदा नहीं करता
📂 श्रेणी आयुर्वेदिक दवाएं

परिचय

क्या आप भी दिनभर थकान महसूस करते हैं, काम में मन नहीं लगता या यौन शक्ति में कमी जैसी समस्याओं से जूझ रहे हैं? क्या उम्र बढ़ने के साथ शरीर में कमजोरी और जोश की कमी महसूस होती है? कई पुरुष और महिलाएं इस दौर से गुजरते हैं पर समाधान ढूंढ़ नहीं पाते। ऐसे में कई लोग Shilajit ke fayde क्या हैं, जैसे सवालों के जवाब ढूंढ़ते हैं।

शिलाजीत एक प्राकृतिक आयुर्वेदिक औषधि है जो हिमालय की चट्टानों से निकलता है और हजारों सालों से शरीर को ताकत, स्टैमिना और यौन स्वास्थ्य सुधारने में प्रयोग होता आया है। इसमें मौजूद फुल्विक एसिड, मिनरल्स और एंटीऑक्सीडेंट्स इसे एक शक्तिशाली सप्लीमेंट बनाते हैं। आजकल Shilajit capsules, Shilajit resin और Shilajit tablet जैसे कई फॉर्म मार्केट में उपलब्ध हैं जो पुरुषों और महिलाओं दोनों के लिए फायदेमंद हो सकते हैं।

इस ब्लॉग में आप जानेंगे शिलाजीत के फायदे, इसके उपयोग, सही तरीके, संभावित साइड इफेक्ट्स और वैज्ञानिक तथ्यों के आधार पर इसके प्रभावों को। यह जानकारी आपके रोज़मर्रा के फैसलों में मदद करेगी खासकर अगर आप इसे हेल्थ सप्लीमेंट के रूप में इस्तेमाल करने की सोच रहे हैं। लेख में हम शिलाजीत के नुकसान, असली/नकली की पहचान और इसे लेने का सही तरीका भी विस्तार से बताएंगे।

Shilajit के फायदे और उपयोग क्या हैं?

Shilajit एक ऐसा प्राकृतिक रसायन है जो शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य दोनों के लिए फायदेमंद हो सकता है। इसे आयुर्वेद में ‘रसायन’ कहा जाता है यानी ऐसी चीज़ जो शरीर को फिर से जवान, ताकतवर और ऊर्जावान बनाए। इसके सेवन से स्टैमिना बढ़ाने, यौन कमजोरी दूर करने, बुज़ुर्गों में कमजोरी कम करने और थकान मिटाने जैसे कई लाभ मिल सकते हैं। आइए विस्तार से शिलाजीत के फायदे समझते हैं।

1. यौन शक्ति बढ़ाने में मदद कर सकता है

शिलाजीत को लंबे समय से एक शक्तिशाली कामोत्तेजक यानी aphrodisiac के रूप में जाना जाता है। यह पुरुषों में यौन इच्छा बढ़ाने, प्रदर्शन सुधारने और कमजोरी को दूर करने में मदद कर सकता है। जिन लोगों को कमजोरी या समय से पहले डिस्चार्ज की समस्या है, उनके लिए शिलाजीत एक नैचुरल विकल्प बन सकता है।

2. पुरुषों की प्रजनन क्षमता को सुधार सकता है

कई वैज्ञानिक स्टडीज में पाया गया है कि Shilajit का नियमित सेवन शुक्राणुओं की गुणवत्ता (sperm quality), संख्या और गतिशीलता (motility) में सुधार कर सकता है। जो पुरुष fertility issues से जूझ रहे हैं, उनके लिए यह एक प्राकृतिक उपाय हो सकता है। यह टेस्टोस्टेरोन लेवल को संतुलित कर प्रजनन क्षमता को बेहतर बनाता है।

3. शरीर को फिर से ऊर्जावान और मजबूत बना सकता है

आयुर्वेद में शिलाजीत को ‘रसायन’ कहा गया है यानी जो शरीर को दोबारा युवा बना दे। यह मांसपेशियों में ताकत लाने, थकान दूर करने और शरीर की स्टैमिना बढ़ाने में सहायक हो सकता है। नियमित सेवन से शारीरिक थकावट कम होती है और एनर्जी लेवल बेहतर बना रहता है, खासकर उन लोगों के लिए जो दिनभर काम करते हैं या जिनकी जीवनशैली थकाने वाली है।

4. उम्र बढ़ने की प्रक्रिया को धीमा कर सकता है

शिलाजीत में पाए जाने वाले एंटीऑक्सीडेंट्स जैसे फुल्विक एसिड, फ्री रेडिकल्स से लड़ने में मदद करते हैं जो उम्र बढ़ने का एक बड़ा कारण होते हैं। इससे झुर्रियों की समस्या कम हो सकती है, त्वचा में निखार आ सकता है और शरीर लंबे समय तक एक्टिव महसूस करता है। अगर आप anti-aging supplement ढूंढ़ रहे हैं, तो यह एक सुरक्षित और आयुर्वेदिक विकल्प हो सकता है।

5. याददाश्त और मानसिक क्षमता को बेहतर बना सकता है

Shilajit दिमागी सेहत के लिए भी उपयोगी माना गया है। यह एक नैचुरल nootropic की तरह काम करता है—यानि ऐसा पदार्थ जो दिमाग की कार्यक्षमता बढ़ाता है। जिन लोगों को भूलने की समस्या होती है या ध्यान केंद्रित करने में दिक्कत आती है, उनके लिए शिलाजीत मददगार हो सकता है।

6. डायबिटीज कंट्रोल करने में सहायक हो सकता है

आयुर्वेद में Shilajit का उपयोग मधुमेह (diabetes) के इलाज में किया गया है। विज्ञान के मुताबिक, यह रक्त शर्करा (blood sugar) को संतुलित करने और इन्सुलिन की कार्यक्षमता सुधारने में मदद कर सकता है। जो लोग डायबिटीज मैनेज करने के लिए नैचुरल विकल्प ढूंढ़ रहे हैं, उनके लिए शिलाजीत एक सहायक तत्व हो सकता है।

7. पेशाब और किडनी से जुड़ी समस्याओं में राहत दे सकता है

शिलाजीत का सेवन मूत्र विकारों जैसे बार-बार पेशाब आना, जलन, या पेशाब रुक-रुक कर आना जैसी स्थितियों में लाभकारी हो सकता है। यह मूत्रनलिका (urinary tract) को साफ रखने और संक्रमण से बचाने में मदद करता है। साथ ही, किडनी स्टोन (kidney stones) के मामलों में भी इसे सहायक ट्रीटमेंट के रूप में उपयोग किया गया है।

8. भूख बढ़ाता है और पाचन को दुरुस्त करता है

Shilajit पाचन तंत्र को मज़बूत करता है। यह भूख बढ़ाने, गैस और अपच जैसी समस्याओं से राहत देने में मदद करता है। जिन लोगों को कम भूख लगती है या बार-बार बदहजमी की शिकायत रहती है, उनके लिए यह एक प्राकृतिक समाधान हो सकता है।

9. खून की कमी (एनीमिया) को दूर करने में मदद करता है

शिलाजीत में आयरन जैसे मिनरल्स पाए जाते हैं जो शरीर में हिमोग्लोबिन की मात्रा बढ़ाने में सहायक हो सकते हैं। यह रेड ब्लड सेल्स को बढ़ाकर कमजोरी, थकान और चक्कर जैसे एनीमिया के लक्षणों से राहत दिला सकता है।

10. इम्यून सिस्टम को मजबूत करता है और सूजन को घटाता है

NCBI पर मौजूद अध्ययन के अनुसार, Shilajit शरीर की रोग-प्रतिरोधक क्षमता को बेहतर बनाता है और सूजन (inflammation) को कम करने में मदद करता है। यह खासतौर पर उन लोगों के लिए फायदेमंद हो सकता है जिन्हें बार-बार इंफेक्शन या सूजन से जुड़ी दिक्कतें होती हैं।

11. घाव और अल्सर को भरने में मदद कर सकता है

अगर आपका शरीर धीरे-धीरे घाव भरता है या बार-बार अल्सर की समस्या होती है, तो शिलाजीत इसमें सहायक हो सकता है। इसमें सूजन को कम करने वाले और ऊतकों के पुनर्निर्माण को बढ़ावा देने वाले तत्व होते हैं, जो घावों को तेजी से भरने में मदद करते हैं। चाहे चोट हो, त्वचा पर घाव हो या आंतरिक अल्सर, यह शरीर की नैचुरल हीलिंग प्रोसेस को तेज कर सकता है।

12. हड्डियों और जोड़ों को मजबूत करने में मदद करता है

बढ़ती उम्र या चोट के बाद हड्डियों का कमजोर होना और जोड़ों में दर्द आम बात है। शिलाजीत पारंपरिक रूप से हड्डियों के जुड़ने, फ्रैक्चर के बाद रिकवरी, और जोड़ों की सूजन में राहत के लिए इस्तेमाल किया जाता है, खासतौर पर मेनोपॉज के बाद की स्तिथि से गुजर रही महिलाओं में। ऑस्टियोआर्थराइटिस, स्पॉन्डिलोसिस जैसी स्थितियों में यह जोड़ों की लचीलापन बनाए रखने और दर्द कम करने में सहायक हो सकता है।

13. खांसी, ब्रोंकाइटिस और सांस लेने की तकलीफ में आराम देता है

मौसम बदलते ही अगर आपको अक्सर खांसी या सांस फूलने की समस्या होती है, तो Shilajit से आपको राहत मिल सकती है। इसके गुण श्वसन तंत्र को मजबूत बनाने और कफ को नियंत्रित करने में मदद करते हैं। ब्रोंकाइटिस, एलर्जी से होने वाली खांसी या फेफड़ों की कमजोरी में यह एक सहायक हर्बल उपाय हो सकता है।

14. एक्जिमा और त्वचा रोगों में फायदेमंद हो सकता है

बार-बार खुजली होना, रैशेज या एक्जिमा जैसी समस्याएं त्वचा की अंदरूनी सूजन को दर्शाती हैं। शिलाजीत में मौजूद प्राकृतिक एंटीऑक्सीडेंट और हीलिंग एजेंट्स त्वचा को भीतर से रिपेयर करने में मदद करते हैं। इसका नियमित सेवन या बाहरी उपयोग स्किन को शांत करने, जलन कम करने और स्किन हेल्थ को बेहतर बनाने में सहायक हो सकता है।

Shilajit की मात्रा और सेवन विधि

⚠️ Disclaimer: Shilajit एक शक्तिशाली आयुर्वेदिक रसायन है। इसकी मात्रा व्यक्ति की उम्र, स्वास्थ्य और शरीर की ज़रूरतों के अनुसार तय की जानी चाहिए। नीचे दी गई जानकारी केवल सामान्य मार्गदर्शन के लिए है। किसी भी प्रकार की दवा लेने से पहले योग्य वैद्य या डॉक्टर से सलाह ज़रूर लें।

🧒🏻 उम्र के अनुसार सेवन मात्रा

  • बच्चे (18 वर्ष से कम): सेवन न करें।
  • वयस्क (18–50 वर्ष): 300–500 mg प्रतिदिन। 100–300 mg से शुरू करें, फिर धीरे-धीरे बढ़ाएं।
  • वरिष्ठ नागरिक (>50 वर्ष): 100–300 mg प्रतिदिन। कम मात्रा से शुरू करें, फिर शरीर के अनुसार समायोजित करें।

🧴 किस रूप में और कैसे लें?

  • Resin: मटर के दाने जितना (लगभग 300 mg) गुनगुने दूध या पानी में घोलकर पिएं।
  • Tablet/Capsule: खाने के बाद गुनगुने दूध या पानी के साथ निगलें।
  • Gummies: निर्माता के निर्देशों अनुसार लें; सामान्यतः 1–2 गमीज़ प्रतिदिन।

🕒 कब और कितने समय तक लें?

  • समय: भोजन के बाद लेना बेहतर, लेकिन कुछ लोग इसे सुबह खाली पेट ऊर्जा के लिए लेते हैं।
  • अवधि: लगातार 2–3 महीने तक लें, फिर प्रभाव देखें और जरूरत अनुसार जारी रखें।

💡 बेहतर परिणामों के लिए सुझाव

  • कम मात्रा से शुरू करें – खासकर बुज़ुर्गों या पुरानी बीमारी वाले लोगों के लिए।
  • नियमितता रखें – रोज़ाना एक ही समय पर लें।
  • शुद्धता पर ध्यान दें – केवल लेब-टेस्टेड और शुद्ध Shilajit ही इस्तेमाल करें।
  • पर्याप्त पानी पिएं – शरीर में गर्मी या डिहाइड्रेशन से बचने के लिए।

⚠️ खास सावधानियाँ

  • गर्भवती और स्तनपान कराने वाली महिलाएँ: बिना डॉक्टर की सलाह Shilajit न लें।
  • पुरानी बीमारी या दवा चल रही हो: Shilajit शुरू करने से पहले डॉक्टर से सलाह लें।
  • साइड इफेक्ट्स: अगर पेट खराब, एलर्जी या चक्कर जैसे लक्षण दिखें तो सेवन बंद कर डॉक्टर से संपर्क करें।

🌦️ मौसम के अनुसार सेवन

  • सर्दियों में: ऊर्जा, पाचन और रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने में विशेष फायदेमंद।
  • गर्मियों में: कम मात्रा में लें और शरीर में गर्मी या पसीना बढ़े तो मात्रा घटाएं।

Shilajit शरीर में कैसे काम करता है?

Shilajit एक प्राकृतिक राल (resin) है जो हिमालय की चट्टानों से निकलता है और इसमें ह्यूमिक और फुल्विक एसिड जैसे शक्तिशाली जैव सक्रिय यौगिक (bioactive compounds) पाए जाते हैं। जब हम इसे सेवन करते हैं, तो यह शरीर की कोशिकाओं तक पोषण पहुँचाने की क्षमता बढ़ाता है, ऊर्जा उत्पादन (ATP synthesis) को बढ़ावा देता है और माइटोकॉन्ड्रिया के कार्य को सुधारता है।

यही कारण है कि Shilajit थकान, कमजोरी और लो एनर्जी जैसी समस्याओं में असरदार होता है। यह शरीर को अंदर से ऊर्जा प्रदान करता है, जिससे रोजमर्रा के कामों में फुर्ती बनी रहती है और मानसिक रूप से भी स्फूर्ति का अनुभव होता है। शारीरिक स्टैमिना और रिकवरी टाइम भी इससे बेहतर हो सकता है।

यौन स्वास्थ्य की बात करें तो Shilajit टेस्टोस्टेरोन हार्मोन के स्तर को संतुलित करने में मदद करता है, जिससे सेक्स ड्राइव और फर्टिलिटी बेहतर हो सकती है। हड्डियों और जोड़ों में यह मिनरल्स की उपलब्धता बढ़ाता है जिससे रिकवरी और मजबूती आती है। इसके एंटीऑक्सिडेंट गुण सूजन को कम करते हैं और इम्यून सिस्टम को सपोर्ट करते हैं, जिससे शरीर अंदर से स्वस्थ और संतुलित रहता है।

शिलाजीत खाने के नुकसान

शुद्ध और सीमित मात्रा में लिया गया Shilajit आमतौर पर सुरक्षित होता है, लेकिन अधिक मात्रा या अशुद्ध रूप लेने से शरीर पर गलत असर पड़ सकता है। कुछ लोगों को इससे पेट दर्द, गैस, डायरिया या जलन जैसी पाचन समस्याएं हो सकती हैं। यदि शरीर में गर्मी ज़्यादा महसूस हो या पसीना अत्यधिक आए, तो सेवन बंद कर दें।

अशुद्ध या बिना परीक्षण वाला शिलाजीत भारी धातुएं (heavy metals) जैसे सीसा या पारा मिला सकता है, जो लीवर और किडनी को नुकसान पहुँचा सकता है। एलर्जी, चक्कर आना, या ब्लड प्रेशर में बदलाव जैसे लक्षण दिखें तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें। हमेशा भरोसेमंद ब्रांड का ही सेवन करें।

शिलाजीत किन्हें खाना चाहिए और किन्हें नहीं

अगर आपको कमजोरी महसूस होती है, बार-बार थकान होती है, यौन कमजोरी या कमज़ोर इम्युनिटी जैसी समस्याएं हैं, तो शिलाजीत आपके लिए फायदेमंद हो सकता है। यह पुरुषों और महिलाओं दोनों के लिए उपयोगी है, खासकर अगर शरीर में कमजोरी, जोड़ों का दर्द या तनाव की दिक्कत हो रही हो।

अगर आपको हाई ब्लड प्रेशर, हार्ट की बीमारी, किडनी की दिक्कत या कोई गंभीर हेल्थ प्रॉब्लम है, तो शिलाजीत बिना डॉक्टर की सलाह के नहीं लेना चाहिए। गर्भवती महिलाएं और बच्चे भी इसका सेवन न करें।

Shilajit के अलग-अलग रूप

Shilajit विभिन्न रूपों में उपलब्ध होता है, जैसे कि रेसिन, कैप्सूल, टैबलेट, पाउडर और गमीज़। प्रत्येक रूप की अपनी विशेषताएँ और सेवन विधि है, जिससे आप अपनी ज़रूरत के अनुसार सबसे उपयुक्त रूप का चुनाव कर सकते हैं। आइए जानते हैं कि इन रूपों में से कौन सा सबसे अच्छा है और कैसे इनका सेवन करना चाहिए।

रेसिन (Resin)

Shilajit Resin रूप सबसे शुद्ध और पारंपरिक होता है। इसे पीस कर या गर्म पानी या दूध में घोलकर लिया जाता है। यह सबसे प्रभावी होता है क्योंकि इसमें शुद्ध शिलाजीत की पूरी ताकत होती है। एक छोटा मटर आकार का टुकड़ा (~300 mg) रोज़ाना गर्म दूध में घोल कर सेवन करें।

कैप्सूल और टैबलेट (Capsules & Tablets)

Shilajit Gold के कैप्सूल और टैबलेट्स सबसे सुविधाजनक और आसान रूप होते हैं। इन्हें सीधे पानी या दूध के साथ लिया जा सकता है। ये शुद्ध शिलाजीत के स्टैंडर्ड रूप होते हैं, और डोज़ आसानी से कंट्रोल किया जा सकता है। आमतौर पर एक या दो कैप्सूल एक दिन में खाना चाहिए।

पाउडर (Powder)

Shilajit Powder का सेवन भी आसान है और इसे किसी भी गर्म तरल जैसे पानी या दूध में घोल कर लिया जा सकता है। यह रेसिन के समान प्रभावी होता है, लेकिन रेसिन की तुलना में थोड़ा कम शुद्ध हो सकता है। एक छोटी चम्मच पाउडर (~300 mg) रोज़ाना लें।

गमीज़ (Gummies)

Shilajit Gummies सबसे अच्छा विकल्प हैं उन लोगों के लिए जो इसके स्वाद से नफरत करते हैं या जिन्हें रेसिन और पाउडर के साथ झंझट नहीं करना पसंद। गमीज़ की खुराक आसानी से नियंत्रित की जा सकती है, और यह स्वादिष्ट भी होते हैं। एक या दो गमीज़ रोज़ाना भोजन के बाद लें।

असली और नकली शिलाजीत में फर्क

शिलाजीत (Shilajit) एक बहुत ही प्रभावी और शक्तिशाली आयुर्वेदिक दवा है, लेकिन बाजार में इसके असली और नकली रूपों की पहचान करना थोड़ा मुश्किल हो सकता है। असली शिलाजीत का सेवन स्वास्थ्य के लिए फायदेमंद होता है, जबकि नकली या मिलावटी शिलाजीत से नुकसान हो सकता है। इसीलिए, शिलाजीत खरीदते समय आपको कुछ खास बातों का ध्यान रखना चाहिए।

असली शिलाजीत की पहचान कैसे करें?

असली शिलाजीत को पहचानने के लिए कुछ खास संकेत होते हैं। इन संकेतों को जानकर आप सुनिश्चित कर सकते हैं कि आप असली शिलाजीत खरीद रहे हैं।

  • रंग: असली शिलाजीत गहरे भूरा या काले रंग का होता है।
  • स्वाद: इसका स्वाद कड़वा होता है, न कि मीठा।
  • सुगंध: इसका गंध मिट्टी जैसा होता है।
  • पानी में घुलना: पानी में घोलने पर रंग हल्का भूरा या काला हो जाता है।
  • बुलबुले: इसे उबालने पर इसमें कोई फेन या बुलबुले नहीं बनते।

शिलाजीत खरीदते समय क्या ध्यान दें?

शिलाजीत खरीदते समय आपको कुछ खास बातों का ध्यान रखना चाहिए ताकि आप शुद्ध और प्रभावी शिलाजीत खरीद सकें।

  • ब्रांड चयन: हमेशा प्रमाणित और भरोसेमंद ब्रांड से शिलाजीत खरीदें।
  • लैब टेस्टेड: पैकेजिंग पर प्यूरीफाइड और लैब-टेस्टेड लिखा हो तो यह शुद्धता की गारंटी देता है।
  • कीमत: अत्यधिक सस्ती शिलाजीत नकली हो सकती है, इसीलिए कीमत का ध्यान रखें।
  • पैकेजिंग: ध्यान दें कि शिलाजीत की पैकेजिंग सही और सीलबंद हो।

शिलाजीत से जुड़े भ्रम और हकीकत

शिलाजीत के बारे में आज भी कई लोगों के बीच कई गलतफहमियाँ (myths) फैली हुई हैं। नीचे हम ऐसे ही आम मिथकों और उनसे जुड़ी सच्चाई (facts) को सरल भाषा में समझा रहे हैं।

मिथ: शिलाजीत सभी यौन समस्याओं का इलाज है

सच्चाई: शिलाजीत कामेच्छा और प्रदर्शन में सुधार कर सकता है, लेकिन यह किसी “जादुई इलाज” की तरह सभी यौन रोगों को ठीक नहीं करता। हार्मोनल असंतुलन, तनाव या अन्य शारीरिक कारणों को समझना जरूरी है। इसके लिए डॉक्टर से सलाह लेना ज़रूरी होता है।

मिथ: शिलाजीत केवल पुरुषों के लिए है

सच्चाई: यह धारणा गलत है। शिलाजीत पुरुषों और महिलाओं दोनों के लिए फायदेमंद होता है। यह ऊर्जा बढ़ाने, हड्डियों को मजबूत करने और इम्यूनिटी सुधारने में मदद करता है। महिलाओं के लिए भी थकावट, मासिक धर्म संबंधी कमजोरी आदि में यह उपयोगी हो सकता है।

मिथ: ज्यादा मात्रा में लेने से जल्दी असर होगा

सच्चाई: शिलाजीत कोई स्टेरॉइड नहीं है। इसकी अधिक मात्रा लेने से उल्टा नुकसान हो सकता है जैसे पाचन दिक्कत, चक्कर, या शरीर में गर्मी बढ़ जाना। बेहतर असर के लिए इसे धीरे-धीरे और सही मात्रा में लेना चाहिए।

मिथ: बाजार में हर शिलाजीत असली होता है

सच्चाई: बाजार में कई नकली या मिलावटी शिलाजीत उपलब्ध हैं, जिनसे स्वास्थ्य को नुकसान हो सकता है। हमेशा प्रमाणित ब्रांड का शुद्ध, लैब-टेस्टेड शिलाजीत ही लें।

मिथ: शिलाजीत सिर्फ कमजोरी दूर करने के लिए होता है

सच्चाई: शिलाजीत केवल शारीरिक कमजोरी ही नहीं, बल्कि हड्डियों की सेहत, दिमागी फंक्शन, इम्यूनिटी और उम्र से जुड़ी समस्याओं में भी फायदेमंद होता है। यह एक मल्टी-टारगेटेड सप्लीमेंट है — न कि सिर्फ कमजोरी की दवा।

💰 भारत में शिलाजीत के ब्रांड और कीमत

शिलाजीत कई रूपों में मिलता है जैसे रेजिन, कैप्सूल, गोल्ड कैप्सूल और अब गमियां भी। नीचे भारत में लोकप्रिय ब्रांडों और उनके प्राइस रेंज की जानकारी दी गई है:

ब्रांड / रूप मात्रा व कीमत (₹)
Dabur Himalayan Resin 15g – ₹630 से ₹700
Vedratan Resin 15g – ₹1,399 (डिस्काउंट में ₹219 तक)
My Pahadi Dukan Resin 10g – ₹749
20g – ₹1,099
60g – ₹2,499
Patanjali Capsules 20 कैप्सूल – ₹85
Dabur Capsules 20–100 कैप्सूल – ₹178 से ₹451
Himalaya Capsules — ₹375
Dabur Shilajit Gold 10–30 कैप्सूल – ₹311 से ₹430
Kapiva Gold Capsules 10–30 कैप्सूल – ₹350 के आसपास
Upakarma Ayurveda Resin और Capsules – ₹650 से ₹1,500
Zandu / Baidyanath Capsules – ₹300 से ₹500

📝 उपयोगी टिप्स:

  • रेजिन: शुद्धता ज्यादा, असरदार लेकिन महंगा।
  • कैप्सूल: आसान सेवन, नियमित उपयोग के लिए बेहतर।
  • गोल्ड वर्जन: यौन स्वास्थ्य फोकस, अश्वगंधा-कौंच जैसे मिश्रण।
  • गमियां: अभी सीमित उपलब्धता, फॉर्म बदलने की सुविधा।
  • छूट, बंडल ऑफर, और सेल सीज़न में कीमत काफी कम हो सकती है।

🔝 टॉप शिलाजीत ब्रांड्स (2025):

  • Dabur
  • Patanjali
  • Upakarma Ayurveda
  • Kapiva
  • Vedratan
  • Zandu
  • Baidyanath
  • My Pahadi Dukan

🧾 असली शिलाजीत की कीमत

असली शिलाजीत आमतौर पर रेजिन (resin) रूप में ही आता है और इसकी कीमत उसकी प्यूरीटी पर निर्भर करती है। अच्छी गुणवत्ता वाला शुद्ध शिलाजीत रेजिन 15g से लेकर 60g तक की पैकिंग में ₹600 से ₹2,500 के बीच मिल सकता है।

  • शुद्धता जितनी ज्यादा, कीमत उतनी अधिक
  • 20g असली रेजिन की कीमत ₹900–₹1,300 के बीच आम है
  • बेहद सस्ता शिलाजीत नकली या मिलावटी हो सकता है

📦 50 ग्राम शिलाजीत की कीमत

50 ग्राम रेजिन फॉर्म शिलाजीत की कीमत ₹1,500 से ₹2,200 तक जाती है। यह कीमत ब्रांड, प्यूरीटी और सोर्सिंग (लद्दाख/हिमालयन vs आयातित) पर आधारित होती है।

  • Kapiva, Pahadi Amrut जैसे ब्रांड 50g पैक ₹1,999–₹2,499 तक देते हैं
  • अगर 50 ग्राम ₹1,000 से कम में मिल रहा है, तो उसकी गुणवत्ता पर संदेह होना चाहिए
  • खरीदते समय कोA रिपोर्ट, purity % और रिव्यू ज़रूर चेक करें

🏺 शिलाजीत का ऐतिहासिक महत्व

शिलाजीत का इतिहास हजारों साल पुराना है और यह प्राचीन भारतीय चिकित्सा पद्धतियों में महत्वपूर्ण स्थान रखता है। प्राचीन आयुर्वेद में इसे रसायन के रूप में जाना जाता था, जो शरीर को ताकत, ऊर्जा और दीर्घायु प्रदान करता था। शिलाजीत का इस्तेमाल मुख्य रूप से स्वास्थ्य को बनाए रखने और जीवन को लंबा बनाने के लिए किया जाता था।

प्राचीन ऋषि-मुनियों के अनुसार, शिलाजीत प्राकृतिक शक्ति का एक स्रोत था। इसका उपयोग विशेष रूप से ध्यान और साधना करने वाले संतों और योगियों द्वारा किया जाता था, जो इसे शारीरिक और मानसिक स्थिति को बेहतर बनाने के लिए इस्तेमाल करते थे।

ऋषि अगस्त्य, जिन्हें आयुर्वेद का महान आचार्य माना जाता है, शिलाजीत के उपयोग के लिए प्रसिद्ध थे। उन्होंने हिमालय में रहते हुए शिलाजीत के अद्भुत लाभों का अनुभव किया और इसे ऊर्जा, मानसिक स्पष्टता, और लंबी उम्र प्राप्त करने के लिए अपनाया। उनकी इस मान्यता ने शिलाजीत को प्राचीन काल से लेकर आज तक एक महत्वपूर्ण स्थान दिलाया।

📜 प्राचीन ग्रंथों में शिलाजीत का उल्लेख

शिलाजीत का उल्लेख प्राचीन भारतीय ग्रंथों में भी मिलता है, जैसे कि चरक संहिता और सुश्रुत संहिता। इन ग्रंथों में शिलाजीत को एक “रसायन” और “वातावरण को संतुलित करने वाली औषधि” के रूप में वर्णित किया गया है। इसे आयुर्वेद में सबसे शक्तिशाली औषधियों में से एक माना गया है, जो शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य को बनाए रखने में मदद करता है।

चरक संहिता से श्लोक:

“शिलाजीतं च रसायनं, अमृतं सर्वरोगहरं।

अर्थ: शिलाजीत रसायन है, जो सभी रोगों का नाश करने वाला और अमृत के समान है।”

सुश्रुत संहिता से श्लोक:

“शिलाजीतं पृथिव्या रत्नं, हृदयं शुद्धि करं।

अर्थ: शिलाजीत पृथ्वी का रत्न है, जो हृदय को शुद्ध करता है और शक्ति प्रदान करता है।”

इन श्लोकों से यह स्पष्ट है कि शिलाजीत को प्राचीन भारतीय चिकित्सा पद्धतियों में अत्यधिक महत्व दिया गया था। यह न केवल शारीरिक बल्कि मानसिक स्वास्थ्य को भी लाभ पहुंचाने के लिए जाना जाता था। शिलाजीत का उपयोग भारतीय औषधीय पद्धतियों में सौंदर्य और लंबी उम्र को बढ़ाने के लिए भी किया जाता था।

ओरिजिनल शिलाजीत कहाँ मिलेगा?

असली शिलाजीत हिमालय की पहाड़ियों से प्राप्त होता है, खासकर भारत, नेपाल और तिब्बत के उच्च पहाड़ी क्षेत्रों से। यह एक प्राकृतिक पदार्थ है जो सैकड़ों वर्षों से पहाड़ी चट्टानों में जमा होता है। असली शिलाजीत में फुल्विक एसिड और मिनरल्स होते हैं, जो शारीरिक ऊर्जा, ताकत और सहनशक्ति बढ़ाने में मदद करते हैं। लेकिन बाजार में नकली शिलाजीत की भी भरमार है, जो असली शिलाजीत से बहुत कम प्रभावी होता है।

असली शिलाजीत खरीदने के लिए विश्वसनीय ब्रांड्स पर निर्भर रहना जरूरी है। गुणवत्ता में भिन्नताएं हो सकती हैं, इसलिए ऐसी कंपनियों से ही शिलाजीत खरीदें जो पारदर्शिता के साथ प्रमाणित शुद्धता दिखाती हैं। तीन प्रमुख ब्रांड्स जिन्हें आप भरोसेमंद मान सकते हैं, वे हैं Dabur, Upakarma Ayurveda, और Kapiva, जो असली शिलाजीत के स्रोत और शुद्धता को सुनिश्चित करते हैं।

शिलाजीत और अश्वगंधा साथ लेने के फायदे

शिलाजीत और अश्वगंधा को एक साथ लेने से शरीर की ताकत, ऊर्जा और स्टैमिना में जबरदस्त बढ़ोतरी हो सकती है। यह संयोजन खासकर उन लोगों के लिए फायदेमंद है जिन्हें कमजोरी, थकान या यौन स्वास्थ्य की समस्या रहती है। रोज़ाना इन दोनों को लेने से टेस्टोस्टेरोन लेवल संतुलित रहता है और मानसिक तनाव भी कम होता है।

शिलाजीत शरीर में सूक्ष्म पोषक तत्वों का अवशोषण बढ़ाता है, जबकि अश्वगंधा कोर्टिसोल लेवल को कम कर तनाव नियंत्रित करता है। दोनों मिलकर शरीर की रिकवरी प्रोसेस तेज करते हैं और पुरुषों के साथ महिलाओं के लिए भी इम्युनिटी और हार्मोन संतुलन में सहायक होते हैं। यह थकान, कमजोरी, नींद की कमी और यौन प्रदर्शन से जुड़ी समस्याओं में असरदार हो सकती है।

Shilajit बनाम Ashwagandha: कौन बेहतर?

Shilajit और Ashwagandha दोनों ही आयुर्वेदिक हर्ब्स हैं जो शरीर की ऊर्जा, मानसिक स्थिति और यौन स्वास्थ्य को बेहतर बनाने में मदद करते हैं। हालांकि, इन दोनों का प्रभाव और उपयोग का तरीका अलग है। Shilajit अधिकतर शारीरिक ऊर्जा, थकान, स्टैमिना और टेस्टोस्टेरोन लेवल बढ़ाने के लिए जाना जाता है, जबकि Ashwagandha मुख्य रूप से तनाव कम करने, नींद सुधारने और इम्युनिटी बढ़ाने में असरदार मानी जाती है।

📊 तुलना तालिका

Shilajit Ashwagandha
ऊर्जा और स्टैमिना बढ़ाता है तनाव और चिंता कम करता है
टेस्टोस्टेरोन और यौन स्वास्थ्य में सहायक नींद और मानसिक शांति में सहायक
शारीरिक कमजोरी, थकान और रिकवरी के लिए इम्युन सिस्टम और हार्मोन संतुलन के लिए
प्राकृतिक मिनरल्स और फुल्विक एसिड से भरपूर एंटीऑक्सिडेंट और एडेप्टोजेन गुणों वाला
युवाओं और पुरुषों के लिए अधिक फोकस हर उम्र और जेंडर के लिए उपयुक्त

शिलाजीत उपयोगकर्ताओं के अनुभव

शिलाजीत के बारे में उपयोगकर्ताओं की समीक्षाएं मिश्रित हैं। यह ऊर्जा, मानसिक स्पष्टता, और शारीरिक प्रदर्शन में सुधार के लिए प्रसिद्ध है, लेकिन इसका प्रभाव उत्पाद की गुणवत्ता और व्यक्ति की शारीरिक स्थिति पर निर्भर करता है।

👍 सकारात्मक अनुभव

ऊर्जा में वृद्धि: कई उपयोगकर्ता सुबह शिलाजीत लेने के बाद दिनभर ऊर्जा और सहनशक्ति में वृद्धि का अनुभव करते हैं। एक ग्राहक ने कहा, “पूरे दिन ऊर्जा मिलती है।”

मानसिक स्पष्टता: उपयोगकर्ताओं का कहना है कि शिलाजीत उनके मानसिक स्पष्टता और ध्यान को बेहतर करता है, जिससे उनकी कार्यक्षमता में वृद्धि होती है।

शारीरिक स्वास्थ्य में सुधार: पुरुषों ने शारीरिक प्रदर्शन और यौन स्वास्थ्य में सुधार की बात की है, जैसे लिबिडो और सहनशक्ति में वृद्धि।

👎 नकारात्मक अनुभव

स्वाद और बनावट: कई उपयोगकर्ताओं को शिलाजीत का स्वाद अत्यधिक कड़वा और अप्रिय लगता है, विशेषकर रेजिन और पाउडर रूप में।

पाचन समस्याएं: कुछ उपयोगकर्ताओं ने पेट में असहजता, उल्टी, और दस्त जैसी समस्याओं का अनुभव किया, खासकर जब उच्च खुराक ली गई।

एलर्जी प्रतिक्रियाएं: दुर्लभ मामलों में, उपयोगकर्ताओं ने त्वचा पर चकत्ते और चक्कर आने जैसी समस्याओं का अनुभव किया है, जो अशुद्ध उत्पाद से संबंधित हो सकती हैं।

🤔 मिश्रित अनुभव

प्रभाविता में भिन्नता: कुछ उपयोगकर्ताओं को शिलाजीत से महत्वपूर्ण लाभ होता है, जबकि दूसरों को कोई बदलाव नहीं दिखता, जो शायद उत्पाद की गुणवत्ता या खुराक पर निर्भर करता है।

स्वाद की सहनशीलता: बहुत से लोग इसके कड़वे स्वाद को नापसंद करते हैं, जबकि कुछ को यह एक “विशिष्ट और बहु-स्तरीय” अनुभव लगता है।

❓ सामान्य प्रश्न

शिलाजीत क्या है और ये कैसे काम करता है? +
शिलाजीत एक प्राकृतिक रेजिन है जो पहाड़ों में पाया जाता है। यह ऊर्जा, सहनशक्ति बढ़ाने, और शारीरिक प्रदर्शन को बेहतर बनाने में मदद करता है।
शिलाजीत को कैसे और कब लेना चाहिए? +
शिलाजीत को सुबह खाली पेट पानी या दूध के साथ लेना सबसे प्रभावी होता है। इसका सेवन एक बार या दिन में दो बार किया जा सकता है।
शिलाजीत लेने से कौन से फायदे होते हैं? +
शिलाजीत से ऊर्जा बढ़ती है, मानसिक स्पष्टता में सुधार होता है, और शारीरिक प्रदर्शन बेहतर होता है। यह ताजगी और फोकस को भी बढ़ाता है।
शिलाजीत का स्वाद क्यों कड़वा होता है? +
शिलाजीत का स्वाद कड़वा होता है क्योंकि यह प्राकृतिक रूप से खनिजों और अन्य जैविक तत्वों से भरपूर होता है। इसे स्वाद की कड़वाहट कम करने के लिए कैप्सूल या पाउडर रूप में लिया जा सकता है।
क्या शिलाजीत महिलाओं के लिए फायदेमंद है? +
हाँ, शिलाजीत महिलाओं के लिए भी फायदेमंद है। यह हड्डियों की मजबूती, त्वचा की सुंदरता, और मानसिक स्वास्थ्य में मदद करता है।
क्या शिलाजीत को आयुर्वेद में उपयोग किया जाता है? +
हां, शिलाजीत का आयुर्वेद में लंबे समय से उपयोग होता आ रहा है। इसे शरीर की ऊर्जा, सहनशक्ति और पुनर्निर्माण के लिए लाभकारी माना जाता है।
शिलाजीत और अश्वगंधा को साथ में लेना सुरक्षित है? +
शिलाजीत और अश्वगंधा को साथ में लेना आमतौर पर सुरक्षित होता है। यह दोनों मिलकर ऊर्जा, मानसिक स्पष्टता, और तनाव को कम करने में मदद करते हैं।
क्या शिलाजीत के कोई साइड इफेक्ट्स होते हैं? +
शिलाजीत के सामान्य रूप से कोई साइड इफेक्ट्स नहीं होते, लेकिन अगर इसे अत्यधिक मात्रा में लिया जाए तो पेट की समस्याएं, जैसे गैस या दस्त हो सकती हैं।

📰 शिलाजीत पर किए गए शोध

शिलाजीत सप्लीमेंट्स में थैलियम की अधिकता

2025 के एक अध्ययन में यह पाया गया कि कुछ शिलाजीत सप्लीमेंट्स में कच्चे शिलाजीत की तुलना में अधिक मात्रा में विषैले भारी धातु थैलियम होते हैं। विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि शिलाजीत केवल भरोसेमंद ब्रांड्स से ही खरीदा जाए, जिन्हें स्वास्थ्य देखभाल प्रदाताओं द्वारा सिफारिश की जाती है, ताकि प्रदूषण के जोखिम से बचा जा सके।

शिलाजीत का टेस्टोस्टेरोन स्तर पर प्रभाव

एक क्लिनिकल अध्ययन में पाया गया कि 250 मिलीग्राम शिलाजीत का सेवन, दिन में दो बार 90 दिनों तक, स्वस्थ पुरुषों में कुल और फ्री टेस्टोस्टेरोन स्तर में महत्वपूर्ण वृद्धि करता है। इसने शिलाजीत के पारंपरिक उपयोग को एक अफ्रोडिशियाक और पुरुष प्रजनन क्षमता को बढ़ाने वाले तत्व के रूप में समर्थन दिया।

पोस्टमेनोपॉज़ल महिलाओं में हड्डी की घनता में सुधार

एक अध्ययन में पाया गया कि रोजाना शिलाजीत का सेवन हड्डी की खनिज घनता (BMD) को बढ़ाने और पोस्टमेनोपॉज़ल महिलाओं में हड्डी के घुलने की प्रक्रिया को कम करने में सहायक होता है। यह प्रभाव शिलाजीत के एंटी-इन्फ्लेमेटरी और एंटीऑक्सीडेंट गुणों के कारण होता है।

🔄 अन्य सम्बंधित दवाएं

अश्वगंधा (Ashwagandha)

अश्वगंधा एक प्रसिद्ध आयुर्वेदिक हर्ब है जो मानसिक तनाव कम करने, ऊर्जा स्तर बढ़ाने और यौन स्वास्थ्य में सुधार करने के लिए जाना जाता है। यह पुरुषों में टेस्टोस्टेरोन स्तर को बढ़ाने में मदद करता है।

जिनसेंग (Ginseng)

जिनसेंग एक प्रभावी अफ्रोडिजियाक है, जो ऊर्जा, सहनशक्ति और मानसिक स्पष्टता को बढ़ाने में मदद करता है। यह पुरुषों और महिलाओं दोनों के यौन स्वास्थ्य को बेहतर बनाने के लिए उपयोग किया जाता है।

सफेद मूसली (Safed Musli)

सफेद मूसली को यौन स्वास्थ्य और स्टैमिना बढ़ाने के लिए जाना जाता है। यह पुरुषों के लिए खासतौर पर उपयोगी है, क्योंकि यह शारीरिक कमजोरी को दूर करने और यौन शक्ति को बढ़ाने में सहायक है।

गोखरू (Gokhru)

गोखरू एक शक्तिशाली आयुर्वेदिक जड़ी-बूटी है, जो यौन स्वास्थ्य और मर्दाना ताकत को बढ़ाने के लिए प्रसिद्ध है। यह टेस्टोस्टेरोन के स्तर को प्राकृतिक तरीके से बढ़ाता है और शारीरिक ऊर्जा में सुधार करता है।

📚 संदर्भ (References)

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